Jay

by Kailash Kher

23 Views Dec 13, 2025

Lyrics

क्या कभी अम्बर से
सूर्य बिछड़ता है
क्या कभी बिन बाती
दीपक जलता है

क्या कभी अम्बर से
सूर्य बिछड़ता है
क्या कभी बिन बाती
दीपक जलता है

कैसी है ये अनहोनी
हर आँख हुई नम
छोड़ गया जो तू
कैसे जियेंगे हम

तूही किनारा तूही सहारा
तू जग सारा, तू ही हमारा
सूरज तूही तारा

जय जयकारा, जय जयकारा
स्वामी देना साथ हमारा
(जय जयकारा जय जयकारा)
(स्वामी देना साथ हमारा)

जहाँ जहाँ तेरे पाऊँ पड़े
वो धरती अम्बर हो जाये

जाने ये कैसी माया
माया है तेरी

तू निर्बल चाबल है
स्वामी रखवाला हम सब का
उसको क्या डर है
जिसपे छाया तेरी

कण कण में है ख़ुशहाली
झूमे हैं डाली डाली
हम प्यासों पे जो रिमझिम बरसे
है बादल से
तूही वो अमृत की धरा

जय जयकारा, जय जयकारा
स्वामी देना साथ हमारा
जय जयकारा जय जयकारा
स्वामी देना साथ हमारा