Hamdard (Reverb)

by Mr. Xherlie

20 Views Dec 12, 2025

Lyrics

पल दो पल की ही क्यूँ है ज़िंदगी?
इस प्यार को है सदियाँ काफ़ी नहीं
तो ख़ुदा से माँग लूँ मोहलत मैं एक नई
रहना है बस यहाँ, अब दूर तुझ से जाना नहीं

जो तू मेरा हमदर्द है, जो तू मेरा हमदर्द है
सुहाना हर दर्द है, जो तू मेरा हमदर्द है

तेरी मुस्कुराहटें हैं ताक़त मेरी
मुझ को इन्हीं से उम्मीद मिली
चाहे करे कोई सितम ये जहाँ
इनमें ही है सदा हिफ़ाज़त मेरी

ज़िंदगानी बड़ी ख़ूबसूरत हुई
जन्नत अब और क्या होगी कहीं

जो तू मेरा हमदर्द है, जो तू मेरा हमदर्द है
सुहाना हर दर्द है, जो तू मेरा हमदर्द है

तेरी धड़कनों से है ज़िंदगी मेरी
ख़्वाहिशें तेरी अब दुआएँ मेरी
कितना अनोखा बंधन है ये
तेरी-मेरी जान जो एक हुई

लौटूँगा यहाँ तेरे पास मैं, हाँ
वादा है मेरा, मर भी जाऊँ कहीं

जो तू मेरा हमदर्द है, जो तू मेरा हमदर्द है
सुहाना हर दर्द है, जो तू मेरा हमदर्द है

Mmm-mmm-mmm-mmm, हमदर्द है
Mmm-mmm-mmm-mmm, हमदर्द है
Mmm-mmm-mmm-mmm, हमदर्द है
Mmm-mmm-mmm-mmm, हमदर्द है